सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: चांदी पहली बार 3 लाख के पार
शादियों का सीजन शुरू होने से पहले ही सोने और चांदी की कीमतों ने आम जनता को जोरदार झटका दिया है। बाजार में दोनों धातुओं की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं, जिससे जेवरात खरीदने वालों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन चांदी ने एक नया इतिहास रच दिया है, जहां इसकी कीमत पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गई है। यह उछाल मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती बनकर उभरा है।
आंकड़ों के अनुसार, एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमतें 5% से ज्यादा की तेजी के साथ ₹3,01,315 प्रति किलो के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। साल 2026 की शुरुआत से ही चांदी ने आक्रामक रुख अपनाया है; जनवरी महीने में ही इसकी कीमत में प्रति किलो ₹65,000 से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, सोने की कीमतें भी पीछे नहीं हैं और यह ₹1,43,500 प्रति 10 ग्राम के नए शिखर की ओर बढ़ रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में इस भारी तेजी के पीछे वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक कारण प्रमुख हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक नीतियों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक धमकियों के कारण वैश्विक बाजार में एक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इसी भू-राजनीतिक दबाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर मोड़ा है, जिससे इन धातुओं की मांग और कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है।
बाजार के जानकारों का अनुमान है कि फिलहाल कीमतों में गिरावट की कोई संभावना नहीं दिख रही है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमत ₹4 लाख प्रति किलो के करीब भी पहुंच सकती है। ऐसे में जिन परिवारों में शादियां हैं, उनके लिए बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। लगातार बढ़ते दामों ने भविष्य में सोने-चांदी की खरीदारी को लेकर आम आदमी की चिंताओं को और गहरा कर दिया है ।